मस्कुलर डिस्ट्राफी

मस्कुलर डिस्ट्राफी ; मान्श्पेशियों का मोटा होना ; लाइलाज बीमारी का इलाज आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा विग्यान मे सम्भव है


मस्कुलर डिस्ट्राफी यानी शरीर की मान्श्पेशियो मा मोटा होना और उनका आकार बढना ; यह एक तरह की आधुनिक चिकित्सा विग्यान के हिसाब से लाइलाज बीमारी है /

लेकिन यह भले ही लाइलाज बीमारी बता दी गयी हो और इसका कोई इलाज नही है ऐसा समझना गलत है / यदि आधुनिक चिकित्सा विग्यान मे इस बीमारी का इलाज नही है तो इसका मतलब यह नही निकाला जाना चाहिये कि बीमारी लाइलाज हो गयी है /

आधुनिक आयुर्वेद मे ऐसी तमाम बीमारियो का इलाज है जिनको अधिकान्श्त: चिकित्सक लाइलाज बता देते है / अभी तक चिकित्सक गणो को पता ही नही था कि इन सभी बीमारियो का इलाज आयुर्वेद मे है / आयुष चिकित्सा विग्या जिसमे आयुर्वेद और होम्योपैथी और यूनानी और सिध्ध और प्राकृतिक चिकित्सा के मिले जुले कम्बाइन्ड और इन्टीग्रेटेद तरीके से इलाज करने और मैनेज्मेन्ट करने से ऐसी तमाम बीमारियो का इलाज सम्भव है जिनको लाइलाज बता दिया गया है /

मस्कुलर डिस्ट्राफी भी ऐसी ही श्रेणी की बीमारी बता दी गयी है जिसका कोई इलाज नही है / लेकिन अब ऐसी बीमारी का इलाज सम्भव है /

नीचे दिया गया केस एक 5+ साल के लड़्के का है / जब यह तीन साल का था तब इसको पी०जी०आई० चन्डीगढ मे दायग्नोस किया गया था कि इसे मस्कुलर डिस्ट्राफी है / इसके पैरेन्दोट्स को बताया गया कि  इस बीमारी का कोई इलाज नही है और यह लाइलाज बीमारी है , इसको जीवन भर ऐसे ही गुजारना होगा / बच्चे के पैरेन्ट्स ने बहुत जगह अन्ग्रेजी इलाज कराया लेकिन बीमारी ठीक होने मे किसी भी तरह की कोई  सफलता नही मिली  / २ साल तक इलाज कराने के बाद किसी ने मेरे यहा आकर इलाज कराने की बात बतायी /

मरीज का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्क्लैन परीक्षण किया गया / उसमे प्ता चला कि इसे किस किस सिस्टम की कितने लेवल की और कितनी इन्टेन्सिटी की कार्य विकृति और विकृति मौजूद है / इस बच्चे के जितने भी सम्भव टेस्ट थे वह सब किये गये /

नीचे दी गयी टेस्ट रिपोर्ट मे लम्बे समय तक किये गये आब्जर्वेशन और रिकार्डिन्ग से पता चला कि इसे अन्दर शरीर मे किस तरह के परिवर्तन टाइम टु टाइम होते रहते है , यहइलाज करने और   चिकित्सा के लिये जानना बहुत जरूरी होता है /

 

 

ऊपर की रिपोर्ट देखने पता चला कि इस बच्चे को हमेशा बुखार बना रहता है और यह घटता बढता रहता है / ई०टी०जी०  आयुर्वेदास्कैन  वेव्ज भी एक समान नही है और इनमे हारीजेन्टल और वर्टीकल दोनो ही वेव्ज अनियमित है / इस तरह की अनियमित वेव्ज से रोग निदान करने मे और इसके हिसाब से सटीक द्वाओ का चुनाव करने मे सफलता मिलती है और किसी तरह की गलती की गुन्जायश नही रहती है /

इस बच्चे का रोग निदान करके और इसकी बीमारी का कारण खोज लेने के बाद इसे आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक और यूनानी और अन्य दवाओ का प्रेस्क्रिप्शन १२० दिन तक खाने के लिये बता दिया गया है /

हमारे यहा जितने भी मस्कुलर डिस्ट्राफी के रोगी इलाज के लिये आये है  सभी को आरोग्य मिला है /

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