CERVICAL SPONDYLITIS

CERVICAL SPONDYLITIS; SPINAL RELATED DISEASE ; SHOULD NOT BE TAKEN CARELESSLY ; AYURVEDA-AYUSH TREATMENT CURE THE CONDITION ; सरवाइकल स्पान्डिलाइटिस ; रीढ की हड्डियों की बीमारियां ; इलाज मे लापरवाही करने से और ज्यादा बढती है ; आयुर्वेद और आयुष के इलाज से यह बीमारी ठीक हो जाती है


गर्दन यानी गले के पीछे के हिस्से की रीढ की सात यानी seven  हड्डियों के मन्कों को सरवाइकल हड्डियो के नाम से जानते है / यह सभी सातों हड्डिया एक दूसरे के ऊपर कुतरती  तौर पर बडे ही एहतियात से रखी हुयी होती हैं / जब इन हड्डियो के बीच के हिस्सों मे भरा हुआ पदार्थ कम हो जाता है तो इन हड्डियो के बीच का गैप कम होता है और हड्डिया सिकुड़ कर आप्स मे रगड़ने लगती है / इस रगडन के कारण हड्डियो को जोड़ने वाले लीगामेन्ट्स और मान्शपेशियां तथा खून की नलिकाओ पर प्रभाव पड़ता है जिससे दर्द इत्यादि तकलीफे पैदा हो जाती है /

कभी कभी गर्दन की हड्डियो के लोच कम होते है / इससे गरदन मे अकड़ाहट आदि पैदा होती है /

जिनको सरवाइकल स्पान्डिलाइटिस होती है उनको नीचे लिखे लक्षण होते हैं /

  • उठने बैठने और लेटने के समय अचानक बहुत जोर से चक्कर आ जाना / चक्कर आने से ऐसा लगता है कि सारा सिर घूम गया है या सभी चीजे चक्कर काट रही है / जिसको यह चक्कर आते है वह घबराकर चिल्लाने लगता है और आन्खे मून्द लेता है /
  • किसी किसी को गरदन घुमाने मे भी चक्कर आने लगते हैं /
  • गरदन मे दर्द और अकड़न पैदा हो जाती है जिससे गर्दन घुमाने मे तकलीफ होती है / गर्दन ऊपर नीचे या दाये बाये घुमाने मे दिक्कत होती है /
  • गरदन का दर्द कभी कभी सीने मे होता है और CHEEST MUSCLES  दर्द करने लगती है इससे यह भ्रम पैदा हो जाता है कि कही यह हार्ट अटैक का दर्द न हो /
  • दोनो हाथो मे या एक हाथ मे कम्पन या झनझनाहट और सुन्नपन होने लगता है
  • दोनो हाथ अथवा एक हाथ मे दर्द होने लगता है यह दर्द कभी तेज अथवा कभी कम होता है /
  • सोते समय करवट बदलने मे गर्दन मे तकलीफ होती है /

यह बहुत खराब बीमारी है इससे उम्र बढने के साथ साथ शारीरिक काम्पलीकेशन्स बढने लगते है, किसी किसी को इस बीमारी से मानसिक तनाव की और ब्लड प्रेशर हाई होने की भी शिकायत हो जाती है /

जिस किसी को यह बीमारी हो जाय उसको आयुर्वेद अथवा होम्योपैथी अथवा यूनानी द्वाओ से इलाज कराना चाहिये क्योन्कि इस बीमारी का इलाज आधुनिक चिकित्सा शास्त्र मे नही है /

बीमारी के निदान के लिये X-Ray  परीक्षण कराना चाहिये इससे पता चल जाता है कि बीमारी है या नही और किस तरह की है / CTScan और ंMRI  परीक्षण से भी पता चल जाता है / इसलिये निदान के लिये इन विधाओ का उपयोग करना चाहिये /

आयुर्वेद की आधुनिक तकनीक ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन से भी सर्वाइकल स्पान्डिलाइटिस का निदान हो जाता है और पता चल जाता है कि बीमारी किस लेवल की है / अगर सरवाइकल स्पान्डिलाइटिस का इलाज ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन परीक्षण कराकर किया जाता है तो बीमारी शत प्रतिशत ठीक होती है /

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