Emergency medicine in Homoeopathy

ETG AyurvedaScan Publicity campaign in Hindi Language Newspaper DAINIK JAGARAN, KANPUR edition; started from 23 July 2010


Majority of the gentlemen and gentleladies complains of the non-hearing & non-availability of the newly invented Ayurveda Technology Electro Tridosha Graphy; ETG AyurvedaScan.

We have started newspaper publicity from 23rd July 2010 to approach the citizen of Kanpur and its surroundings areas.
The glimpse of the advertisement is given below;

Published advertisement of Electro Tridosha Graphy ; ETG AyurvedaScan in Dainik Jagaran Hindi Language newspaper

Published advertisement of Electro Tridosha Graphy ; ETG AyurvedaScan in Dainik Jagaran Hindi Language newspaper

बहुत से लोगों को आयुर्वेद की आधुनिक व्याधि निदान ग्यान तकनीक इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी ; ई-टी-जी- स्कैन के बारे में जानकारी नही थी / यह शिकायत सभी लोग करते रहते थे / अभी तक होता यह था कि जो लोग ई०टी०जी० परीक्षण कराके अपना इलाज कराते थे और आरोग्य प्राप्त कर लेते थे, वही लोग दूसरों से इस परीक्षण के बारे में बताते थे / हमें भी ज्यादा publicity करने में रूचि नहीं थी /
 
लेकिन जैसे जैसे इस तकनीक से जांचे गये लोगों को शीघ्र आरोग्य प्राप्त होना शुरू हुआ और लोगों ने यह कहना शुरू किया कि इस तकनीक के बारे में सभी लोगों को बताना चाहिये ताकि सभी लोग इसका लाभ उठायें, इसके लिये उपाय यही समझ में आया कि कानपुर शहर के सबसे ज्यादा लोकप्रिय और सबसे अधिक पढा जाने वाला अखबार ” दैनिक जागरण, कानपुर शहर” सन्सकरण में सर्व साधारण के बीच प्रचार के लिये विग्यापित किया जाय /
हमने लोगों को जानकारी मुहैय्या कराने के लिये अखबार का सहारा लिया है /

 

 

यह विग्यापन प्रत्येक शनिवार और सोमवार को सप्ताह में दो दिन प्रकाशित होगा /

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Electro Tridosha Graphy ; ETG AyurvedaScan Report’s Second page


The First page of the Electro Tridosha Graphy report is an introductory to the patient including some essential informations.

The Second page is a Comprehensive REPORT of the scanned areas including received data. This is a combination of the Observation of the traces as well as computer analysed traces evaluation both. The combination of the several aspects of the data concluded in the disease diagnosis.

1- In the second page the diagnosis of the diseases, syndromes, ailments, anomalies, problems etc etc are noted to help the clinician to conclude the problem of patient in view of the selection of medicine, drugs , remedies and management of the case accordingly.

2- The Normal health condition evaluation is also shown in the report, which leads to evaluate the Health condition in toto in view of the severity and depth of the Body condition.

3- If in need, other scan of Modern Western Medical system is suggested in the second page.

The specimen page will show you the style of ETG AyurvedaScan report presentation.

Homeopathy in Emergency आपातकालीन होम्योपैथी चिकित्सा


बेहोश, आधे बेहोश, अत्यधिक चक्कर आने, अचानक कमजोरी आ जाना, बहुत घबराहट, ऐसा लगे कि “अब मर जाउंगा और अब जीवन बचेगा नहीं “, हृदय रोग की अचानक बढ गयी बीमारियों तथा अन्य सभी प्रकार की emergency वाली स्तिथियों में मै Homeopathy का एक mixture रोगियों को देता हूं । इस मिक्स्चर से अमूमन शत प्रतिशत मरीजों को लाभ हो जाता है । इसे मैने हज़ारों बार आजमाया है । इस फार्मूले में थोडी सी हेर्फेर कर लेने से यह बहु उपयोगी बन जाता है ।

इस फार्मूले की दवायें निम्न हैं । यह सभी Mother Tincture फार्म में हैं ।

Crateagus Oxycantha Q
Avena Sativa Q
Alfalfa Q
Ashwagandha Q

इसे बराबर बराबर मात्रा में मिला लेते है । कोई भी इमर्जेंसी की स्तिथी हो इसका एक चम्मच मिश्रण चार चम्म्च पानी में मिलाकर पिला दें । इसे ५ मिनट के अन्तराल से लेकर एक घन्टे के अन्तराल से रिपीट कर सकते हैं । यदि रोगी को नींद न आये तो इसमें Passiflora incarneta Q की १२० बूंद मिलाकर दें । यदि कोई इन्फेक्सन हो, तेज़ बुखार हो तो इसमे Echinesia ang Q की ५ से १० बूंद दवा मिला दें । यदि Brain Heamorrhage की स्तिथि हो और रक्त चाप ज्यादा हो तो इसमें Raulfia Serpentina Q ,20 drops के साथ Ficus religiosa Q की २५ बूंद मिलाकर देना है । हृदय के रोग में Terminalia Arjuna Q की २० बूंद दवा मिला देना चाहिये । फेफड़ों से समबन्धित कोई रोग हो, तो इसमें Aspidosperma Q की १५ बूंद दवा मिला कर दे ।

इस दवा का मिश्रण किसी भी Nebuliser के द्वारा नाक के जरिये सुन्घाया भी जा सकता है, यदि किसी रोगी को दमा या तेज़ खांसी का अटैक पड़ गया हो । इस मिश्रण की vapour से भी बहुत फायदा होता है ।