ETG Tek

ETG AyurvedaScan Report’s Sixth page


ETG AyurvedaScan Report’s Sixth page

ETG AyurvedaScan Report’s Sixth page

This page contains the following important data ;

 

  • Estimation of MISLLANEOUS DIAGNOSTIC IMPORTANT
  • Evaluation of ANATOMICALLY SCANNED BODY SECTORS

 

In this page, electrically scanned & counted “Heamoglobin percentage Hb%,” which is approximately given. “Serum Calcium” is also estimated and is approximately given. This is a unique feature of the ETG AyurvedaScan.

 

Besides these dignosis ETG AyurvedaScan diagnose the followings;

 

  1. Tendency of Blood pressure, whether it is High or Low
  2. Tendency of Diabetes, whether it is Low or High

 

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इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी ई०टी०जी० मशीन का निर्माण कार्य आज दिनान्क २६ सितम्बर २००९ शुभ दिन शनिवार “दुर्गा अष्टमी” के दिन से शुरू : Fabrication of Electro Tridosha Graphy E.T.G. Machine begins from today dated 26 September 2009 on the pious day of “Durga Ashtami”


ईश्वर की कृपा, भगवान धनवन्तरि देव के आशिर्वाद और माता दुर्गा भवानी की अनुकम्पा से आज दिनान्क २६ सितम्बर २००९ को कई वर्षों से लम्बित आयुर्वेद चिकित्सा विग्यान के लिये नवीन आविष्कृत रोगों के निदान ग्यान और आयुर्वेद के मौलिक सिद्धान्तों को साक्ष्य स्वरूप प्रस्तुत करने वाली तकनीक इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी ई०टी०जी० मशीन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है ।

इसके निर्माण कार्य में लगे हुये हार्डवेयर और साफ़्ट वेयर इन्जीनियरों ने बताया है कि वे इस मशीन का निर्माण एक निश्चित समय सीमा के अन्दर कर देंगें ।

इस मशीन में २१ से अधिक लीड की रेकार्डिंग एक साथ होगी और रिकार्डिंग के साथ ही तत्काल रिपोर्ट मिल जायेगी जिसमे कुछ मिनटॊं का समय लगेगा ।

हमारा प्रयास रहेगा कि इस मशीन को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाये । हलाकि इसके साथ एक लैप्टाप कम्प्यूटर तथा एक प्रिन्टर की आवश्यकता होगी । मशीन और साफ्ट वेयर इनके साथ ही यू०एस०बी० पोर्ट से जोड़े जायेंगे । मशीन से जुड़े सेन्सर रोगियों के शरीर में निर्धारित स्थानों पर चिपकाये जायेंगे ।

जैसा कि सभी जानते हैं कि अभी तक इस परीक्षण के लिये हृदय रोग की जान्च के लिये प्रयोग की जाने वाली इलेक्ट्रो कार्डियो ग्राफी ई०सी०जी० मशीन के केवल रिकार्डर का उपयोग आयुर्वेद के इस स्कैन ई०टी०जी० के लिये किया जाता है । इस रिकार्ड किये गये ट्रेस को बाद में कम्प्य़ूटर की मदद से मैनुअली तरीके से रिपोर्ट बनायी जाती थी जिसमें लगभग २ घन्टे लग जाते थे । प्रस्तावित मशीन केवल कुछ मिनटॊ में यह काम पूरी कर देगी ।

इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी की विकास यात्रा का आठवां चरण : Developmental stages of Electro Tridosha Graphy ETG Tek : Step Eight


जैसा कि हमेशा मेरे साथ दिल्ली से वापस आने के बाद होता रहता है, जिन्दगी कुछ उसी रस्ते पर चल रही थी ।

ccrasletter23october2007

अक्टूबर २००७ के आखिरी हफ़्ते में मुझे केन्द्रीय आयुर्वेद एवं सिद्ध अनुसन्धान परिषद, जनक पुरी, नई दिल्ली से पत्र मिला कि 43rd Scientific Advisory Committee [Ayu] द्वारा ई०टी०जी० सिस्टम को approve कर दिया गया है । साथ ही यह निर्देश दिये गये कि इस सिस्टम के लिये अलग से एक मशीन बनायी जाय, जिसके लिये मुझे इजीनियरों से सलाह करने के लिये कहा गया था । reportetg27oct-20071reportetg27oct2007-part2nd

मैने बहुत कोशिश की कि कोई कायदे का इन्जीनियर मिल जाये जो यह काम पूरा कर सके । लेकिन महीनों ढून्ढने के बाद बहुत मुश्किल से  कानपुर के एक इन्जीनियर  मुझे मिल गये । उनसे मैने बात की और इस मशीन के फ़ैब्रीकेशन के लिये सलाह ली ।

उन्होने बताया कि इसे मै यूजर्स फ्रेन्डली बनाने का प्रयास करता हूं क्योंकि यह जितनी आपरेट करने में सरल होगी, उतना ही अच्छा होगा । उन्होंने इस तरह की मशीन बनाने के लिये कुछ लाख रुपये का खर्च बताया । मैने उन्हें अपनी आर्थिक स्तिथि के बारे में बताया कि मै पान्च हज़ार रुपये महीने की नौकरी एक दवा बनाने वाली कम्पनी में करता हूं [अब यह नौकरी मैने ११ नवम्बर २००८ से छोड दी है क्यों कि इम्प्लायर को मेरी सेवाओं की जरूरत नही थी] , यह सब कैसे होगा ?

वे मुझे आई०आई०टी० कैम्पस में स्तिथि SIDBI के कार्यालय ले गये  |  जहां  कोई बात नहीं बनीं ।  मै कुछ निराश हुआ , लेकिन इन्जीनियर साहब नें मेरा हौसला बढाते हुये कहा कि इसमें परेशान होने की कोई बात नहीं, मै कोई दूसरा रास्ता निकालता हूं ।

मुझे फिर घूम फिर कर CCRAS का दामन थामना पड़ा और इस प्रोजेक्ट को Extra Mural Research Project स्कीम के अन्तर्गत सारी औपचारिकतायें पूरी करके मई २००८ को हेड क्वार्टर भेजा । वहां से जुलायी २००८ में पत्र मिला जिसमें बताया गया कि इस प्रोजेक्ट को CCRAS की Internal Scrutiny Commettee ने ” Not recommended ” की श्रेणी में डाल दिया है ।

अब मै चौराहे पर खड़ा हू, यह सोचते हुये कि आगे क्या करूं ?

मेरी इतनी हैसियत भी नहीं कि मै लाखों रुपये खर्च करके ई०टी०जी० की मशीन का fabrication करा सकूं ।

फिर भी मन में विश्वास है, हौसला है, इरादे बुलन्द हैं, कुछ करने की तमन्ना है, सोचता हू, अभी न सही , कभी तो सही समय आयेगा, आज भले ही समय मेरा साथ न दे , कल जरूर कुछ न कुछ ईश्वर मदद करेगा । क्योंकि जो भी मैने किया है, वह सम्पूर्ण विश्व के लिये और मानव जाति की भलाई के लिये किया है, मुझे पूरा विश्वास है, इस नेक काम में ईश्वर मेरी मदद जरूर करेगा ।

इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी ई०टी०जी० की विकास यात्रा का पांचवा चरण : Fifth steps’ Electrotridoshagraphy technology developmental stage


Central Council for Research in Ayurveda & Siddha , CCRAS Head Quarter, Janak Puri, New Delhi में अक्टूबर 2005  के पहले हफ़्ते में प्रेजेन्टेशन देने के बाद मैं कानपुर वापस आकर अपने पूर्ववर्ती कामों में फिर से लग गया । यानी अपनी मेडिकल की प्रैक्टिस में और दूसरे कामों में उसी प्रकार से इन्वाल्व हो गया जैसे मैं as usual पहले करता रहता था । कुछ दिनों बाद मुझे ध्यान भी नहीं रहा कि कुछ माह पहले क्या हुआ था ?

होते करते जनवरी २००६ आ गयी । जनवरी २००६ के अन्तिम सप्ताह में मुझे CCRAS, HQ, Janak Puri, New Delhi से पत्र मिला कि मुझे फरवरी २००६ के तीसरे सप्ताह में Scientific Advisory Committee {Ayurved} के सामने ई०टी०जी० तकनीक का Scientific Presentation देना है तथा साथ में अन्य जरूरी निर्देश दिये गये थे ।

मै अपने पुत्र डा० अनुराग बन्धु बाजपेयी के साथ निश्चित दिन , कौन्सिल के जनक पुरी, नई दिल्ली स्तिथि हेड क्वार्टर पर पहुंच गया ।मुझे SAC [Ayu] के बारे में बहुत अधिक पता नहीं था । यही सोचता था कि पता नहीं यहां क्या करना होगा ? देश के विभिन्न भागों से लोग बुलाये गये थे, जिनको अपना प्रेजेन्टेशन देना था । सभी लोगों को काउन्सिल में स्थापित SAC कमेटी के कमरे में बैठा दिया गया था ।

Scientific Advisory Committee [Ayurved] के चेयरमैन सौरष्ट्र विश्व्विद्यालय के कुलपति हैं, जो एक वैज्ञानिक हैं , वाइस चेयरमैन गुजरात आयुर्वेद युनीवर्सिटी के कुलपति हैं | इस कमेटी में आयुर्वेद- आयुष विभाग, स्वास्थय एवम परिवार कल्याण मन्त्रालय, भारत सरकार के आयुर्वेद के एड्वाइजर / आयुष विभाग के सेक्रेटरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी / विभिन्न मन्त्रालयों के आमन्त्रित representative / representative of Indian Council of Medical Research / representative of Institute of Medical Sciences Varanasi / representative of All India Institute of Medical Sciences / Director, CCRAS, New Delhi / Eminent Scientist & experts of Biotechnology, Physics, Engineering etc / Chairman & Members of Central Council of Indian Medicine / कई वैद्य सन्गठनों के प्रतिनिधि गण / देश के विभिन्न राज्यों से आये साइन्टिफिक एड्वाइजरी कमेटी {आयुर्वेद} के सदस्य गण / के अलावा तत्सम्बन्धित लोग बड़ी संख्या में उपस्तिथि थे ।

मैने जब प्रेजेन्टेशन देना शुरू किया था, उस समय कमेटी हाल खचाखच भरा हुआ था । Pin Drop silence छाया हुआ था । डेढ घन्टे मुझे CD के प्रेजेन्टेशन में लग गये । उसके बाद मैने वहीं पर सभी सदस्यों के सामने एक E.T.G. परीक्षण भी किया ।

वहां उपस्तिथि सभी लोग आश्चर्य चकित थे क्योंकि किसी ने भी पहले से नहीं सोचा था कि आयुर्वेद के मौलिक सिद्धान्तों को किसी तकनीक के जरिये साक्ष्य स्वरूप में प्रस्तुत भी किया जा सकता है ।