itching dermatitis ayurvedic treatment खाज खुजली का आयुर्वेदिक आयुष इलाज

खुजली या खारिश या त्वचा मे खुजलाहट होकर दाने पड़्ना किसी खतरनाक बीमारी का लक्षण हो सकता है / ITCHING AND DERMATITIS MAY BE SYNDROME OF ANY HIDDEN BODY DISORDERS


खाज खुजली या त्वचा मे ददोरे पड़्ना या सूखी खुजली होना और खुजलाते खुजलाते खून निकल आना या सारे शरीर मे खुजली के दाने पड़ जाना आदि आदि त्वचा के लक्षन पैदा हो गये हो तो इसे साधारण बीमारी नही समझना चाहिये , बल्कि यह शरीर के नदर की छुपी हुयी किसी गम्भीर बीमारी का लक्षन हो सकता है /

साधारण तौर पर आम जन यही समझते है कि त्वचा पर निकलने वाले दाने बहुत मामूल;ई और साधारण किस्म की  तकलीफ है /  यह एक साधारण किस्म की भी तकलीफ हो सकती है क्योन्कि मौसम के बदलने के साथ साथ खुजली या खारिस हो सकती है और दाने निकल सकते है जो खुजलाते भी है और जलन भी पैदा करते है /

इस तरह की खुजली सधारण तौर पर एक सप्ताह के अन्दर चिकित्सा करने से   ठीक हो जाती है / दुबारा नही होती है / इस तरह की खुजली साधारण किस्म की समजःइ जाती है जो मौसम के साथ किसी बदलाव के कारण पैदा हो जाती है और यह आयुर्वेदिक या आयुष द्वाओ के सेवन से ठीक हो जाती है /

लेकिन कुछ अलग तरह की खुजली जब शरीर मे पैदा हो जाती है जो किसी शरीर के अंग की विकृति के कारण पैदा हो जाती है /

खुजलीके इन लक्षणो से बीमारी के निदान करने मे सअलता मिलती है  और दवओ का जब इलाज किया जाता है तो खुजली के कम या ज्यादा होने कीमिकदार मे पता चलता है कि बीमारी ठीऊक भी हो रही है अथवा नही /

  • डायबीटीज के रोगी के श्रीर मे दाद के जैसे चकत्ते पड़ने लगते है  और ऐसा लगता है कि गीली और पानी जैसी discharge  वाली दाद हो गयी है / लेकिन ऐसा डायबिटीज के होने के कारण होता है /
  • सूखी खुजली जैसा हो और सारा शरीर छॊटे छोटे दानो जैसा भर जाय / किसी भी समय खुजली हो और यह खुजलाने पर त्वचा मे जलन पैदा करने लगे तो इस तरह की खुजली किसी भी द्वा के करने न ठीक हो तो यह खुजली खतरनाक होती है / ऐसी खुजली अधिकतर GALL BADDER  अथवा पित्त की ठैली मे सूजन  अथवा पित्त की थैली मे किसी तरह की रुकावट अथवा पित्त की ठैली की पथरी के कारण होता है  /
  • रक्त मे किसी कारण से पित्त के कण अधिक मात्रा मे रुक जाते है तब बहुत खुजली होती है / इस तरह की खुजली मे खुजलाते खुजलाते खून तक निकल आता है /
  • गुर्दे की किसी बीमारी के कारण खुजली होती है तो ऐसी खुजली को खुजलाने मे बहुत मजा आता है और तबियत ऐसी करती है जैसे ्खुजलाते जाओ खुजलाते जाओ ऐसी इच्छा होती है / मूत्र सन्स्थान के किसि बी हिस्से मे अगर कैल्सियम की पथरी होगी या कैल्सियम के कण जमा होन्गे तो इससे खुजली होने लगती है /
  • लीवर की तकलीफ मे खुजली होती है / अगर लीवर का साइज बड़ा हो  या लीवर के स्पाइक मे कोई तकलीफ हो तो इससे खुजली होती है अहुर त्वचा पर एलत्जी जैसे ददोरे कड़ते है /
  • केटबालिक या मेटाबालिक या अनाबालिक प्रक्रिय और शरीर के केमिकल बदलाव की रासायनिक प्रक्रिया मे अगर किसी तरह का व्यवधान पैदा होता है तो इससे भी खुजली पैदा हो जाती है / उदाहरण के लिये अगर यूरिक एसिड का बदलाव यूरिया मे कन्वर्ट नही होता है तो रक्त मे अधिक मात्रा मे यूरिक असिड बढने से खुजली पैदा हो जाती है /
  • रक्त मे कोलेस्टेराल अथवा क्रियेटिनाइन अथवा सोडियम अथवा पोटैसियम अथवा बिलीरूबिन अथवा नाइट्रिजिनस सब्स्टेन्स की मात्राये अथवा दूसरे अन्य केमिकल केमिस्ट्री मे बदलाव आते है तो इससे भी खुजली होने लगती गै /

हलाकि खुजली होने के अन्य बहुत से कारण होते है जिनमे इनएक्शन होना भी शामिल या किसी खान पान की चीज से भी खुजली होती है तो इसमे सावधानी से चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक होया है /

बार बार होने वाली खुजली किसी बीमारी का सन्केत होती है इसलिये इसका निदान ग्यान मे महत्व है /

जब कभी बार बार खुजली की बीमारी हो और किसी दव के करने से ठीक हो जाये लेकिन फिर बार बार होने लगे तब इसे गम्भीर समस्या मानक्र पुख्ता इलाज करना चाहिये और किसी तरह की लापर्वाही नही करनी चाहिये /

आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा से सभी तरह की खुजली की बईमारी ठीक होती है लेकिन इसके लिये किसी एक्स्पर्ट डाक्टर से सलाह लेना चाहिये /

यह रोगी की इच्छा पर निर्भर करता है कि वह किस तरह का इलाज कराना चाहता है  / लेकिन यह जरूर है कि किसी तरह की लापरवाही नही करना चाहिये और औषधोपचार अव्श्य करना चाहिये /

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