Nature cure

Constipation यानी कब्ज यानी पेट का साफ न होना


सभी लोग जब सुबह सोकर उठ्ते हैं तो इस बात कि तमन्ना जरुर होती है कि कब उनको जल्दी से मल की हाजत लगे और कब वे Toilet में जाकर पाखाना करें और जितनी जल्दी हो सके , उतनी जल्दी धड़ाम से एक ही झट्के में सारा का सारा मल बाहर निकल आवे । पेट साफ करने के चक्कर में लोग कई कई बार toilet जाते है, इसके बाव्जूद भी उनको लगता है कि पेट अभी साफ़ नहीं हुआ है ।

लेकिन ऐसा सबके साथ होता हो, यह सच्चाई तब सामने आ जाती है, जब करीब करीब ९५ प्रतिशत शहरी लोग यह शिकायत करते है कि उनको सुबह पखाना साफ न होने की शिकायत है । ऐसा नहीं है कि यह शिकायत सिर्फ़ शहर के लोगों को है, ग्रामीण क्षेत्रॊं में भी लगभग १० प्रतिशत लोग शिकायत करते हैं कि उनका पेट सुबह साफ़ नहीं होता ।

दरअसल कब्ज होने की यह शिकायत सभी व्यक्तियों के खान पान, रहन सहन, आचार विचार, मानसिक स्तिथि, श्रम, मौसम, कार्य की परिस्तिथियां आदि आदि से जुड़ी हुयी है । हमारी बड़ी आंत क्रमश: Ascending colon, Transverse colon, Decending colon, Sigmoid colon और Rectum आदि के हिस्सों से मिलकर बनी है । शरीर का Autonomic Nervous System इसकी गतिविधियों को control करता है और काफी कुछ इसकी कार्य प्रणाली इसी सिस्ट्म पर अधारित है । पाखाना होने की तेज हाजत लगना या न लगना या कम लगना , सब कुछ कई एक समीकरणों पर आधारित है ।

कई बीमारियां होती हैं , जिनमें रोगी को बहुत तगड़ा कब्ज होता है, ये स्तिथि निम्न बीमारियॊं कि अवस्थाओं में अधिक होता है ।

1- Brain stroke
2- Brain Heamorrhage
3- Paralysis
4- Intestinal Tuberculosis
5- Intestinal cancer
6- Liver cancer
7- Cancer of digestive system
8- Loss of parestalitic movement of intestines
9- Any other complaints, which is related to Large intestine as often seen in Viral infection and its syndromes

इस प्रकार की तकलीफों में कब्ज मरीज को बहुत परेशान करता है ।

क्या करें ?

१- साधारण कब्ज में खान् पान के उपर ध्यान देना चाहिये । खान पान ठीक कर लेने से हल्के किस्म की कब्जियत की बीमारी जड़ से ठीक हो जाती है । इसमे दवा खाने की जरूरत भी नही पड़्ती है ।
२- सभी प्रकार के कब्ज अमरूद, पपीता और गाजर खाने से चले जाते हैं । लेकिन यह सबको माफ़िक आ जायें , यह नही कहा जा सकता है । हो सकता है अमरूद किसी को नुकसान करे और किसी दूसरे को फायदा, यही बात पपीता और गाजर के लिये कही जा सकती है । जिन लोगों को यह मुआफ़िक लगे, वे जरूर खायें, उनका कब्ज अवश्य ठीक होगा । इन तीनॊं फलों की सलाद बनाकर खाने के साथ खाने से अधिक फायदा होता है । कम से कम १०० से २५० ग्राम सलाद खाना चाहिये ।

३- एरन्ड तेल, एक चाय के चम्मच बराबर लेकर , आधा कप या एक कप गुन्गुने दूध में मिलाकर रात को सोते समय पीने से सुबह पाखाना साफ़ होता है ।

४- किसमिस और अन्जीर को रात में भिगो दें, सुबह अच्छी तरह चबाकर खायें , उपर से दो कप दूध पी लें ।

५- ईसबगोल का उपयोग सोच समझ कर करें । किसी किसी को यह बजाय पेट साफ करने के उल्टे कब्ज करता है । यही हाल बेल के चूर्ण का है, इसका भी असर ईसब्गोल की तरह होता है ।

६- कब्ज की बीमारी का इलाज आयुर्वेद या होम्योपॆथी या प्राक्रूतिक चिकित्सा से एकल या सम्मिलित चिकित्सा व्यवस्था से करें ।

क्या न करें ?

१- जिनको hard constipation की शिकायत है, वे बेहतर है किसी चिकित्सक की सलाह लेकर दवा का सेवन करें, अपने आप या विज्ञापन देखकर या सुनकर कोई दवा न ले । ऐसी सभी दवायें सुरक्षित नहीं होती हैं ।

२- बहुत से लोग enima का उपयोग बार बार करते है, कोइ कोइ तॊ रोजाना एनीमा लिया करते हैं , यह नुकसान्देह साबित होता है ।

३- कोई भी Laxative या purgative दवा न लें ।

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