Piles .Hemorrhoids Curable by Ayurvedic treatment

बवासीर, अर्श, Piles या Hemorrhoids ; Curable by Ayurvedic treatment


 

Piles अथवा बवासीर का मर्ज जिसके होता है, उससे पूछिये कि उसका सुबह पाखाना करते समय अथवा उसके बाद उसका क्या हाल होता है ?

यह बहुत ही लापरवाह बीमारी है, जिसके हो जाती है , वह यह रोगी की लापरवाही का फायदा उठाकर बेपरवाह तरीके से बढती है और फिर जिन्दगी भर परेशान करती है /

आधुनिक चिकित्सा विग्यान में इस रोग का कोई सटीक इलाज नही है / अधिक बढ जाने पर आपरेशन कराना ही एक मात्र उपाय बच जाता है , लेकिन खान पान और जीवन शैली में परहेज न करने से यह फिर उसी स्वरूप में हो जाता है जैसा कि आपरेशन कराने के पहले था /

प्राकृतिक चिकित्सा, होम्योपैथी दोनों चिकित्सा विग्यान में इस रोग का अच्छा इलाज है / यदि रोग की प्रारम्भिक अवस्था हो तो इन दोनों चिकित्सा विग्यान की औषधियों का उपयोग करने से रोग का निर्मूलन अथवा रोग शान्ति अवश्य हो जाती है /

रोग के अधिक बढ जाने की अवस्था में प्राकृतिक उपचार के साथ साथ यदि होम्योपैथी की दवायें सेवन करता रहे तो बवासीर का रोग काबू में आ जाता है / लेकिन इसके लिये अपने नजदीक के किसी अधिक expert qualified physician के पास जाकर अथवा प्राकृतिक चिकित्सालय में रहकर इलाज कुछ दिन तक कराना चाहिये / बाद में जीवन शैली को लम्बे समय तक अपनाना चाहिये /

आयुर्वेद चिकित्सा विग्यान में बवासीर रोग के इलाज के लिये हजारों योग और औषधियां और पन्चकर्म की विधियां दी गयी हैं , जिनके द्वारा रोगी का इलाज करके उसे आरोग्य प्रदान किया जा सकता है / किसी किसी को सम्पूर्ण ९९.९९ प्रतिशत और किसी को ९५ प्रतिशत तक आरोग्य प्राप्त हो जाता है, लेकिन सभी रोगी ठीक हो जाते है / यहां भी वही बात दोहराना चाहून्गा कि यह सब कुछ expert qualified Ayurvedic Physician की काबीलियत पर आधारित होता है कि इलाज करने वाला वैद्य कितना निपुण है /

मै यहां सामान्य और विशेष दोनों प्रकार की बवासीर के लिये tips और दवायें बता रहा हूं, जिनके उपयोग से बवासीर की चाहे जैसी तकलीफ हो अवश्य ठीक हो जाती है /

१- पहला प्रयोग “स्वमूत्र चिकित्सा” से सम्बन्धित है / रोजाना सुबह सबेरे उठकर पहले अपने पेशाब / मूत्र को किसी शीशे के बर्तन या प्लास्टिक के बर्तन मे इकठ्ठा करके सन्चित कर लें / जितना अधिक मात्रा में मूत्र का सन्चय कर लेन्गे उतना ही ठीक होगा / इसके लिये चाहे आपको सुबह काफी मात्रा में अतिरिक्त सादा पानी क्यों न पीना पडे, क्योंकि जब आप अतिरिक्त पानी पियेन्गे तो पेशाब भी ज्यादा होगी / आपको जब पाखाना की हाजत लगे तब पाखाना कर लें , लेकिन गुदा ANUS / RECTUM को सादे पानी से धोने की बजाय आप इसी एकत्र किये गये मूत्र से गुदा को धो डालिये / मूत्र से गुदा को धोने के बाद , गुदा को सादे पानी से मत धोइयेगा / अगर धोने का या साफ करने का मन करे तो एक या दो घन्टे बाद सादे पानी से गुदा को धो डालिये / वैसे सबसे अच्छा है , इसे न धोयें / इससे बवासीर बहुत शीघ्रता से ठीक होती है और इस प्रयोग से असाध्य से असाध्य बवासीर ठीक हो चुकी हैं /

२- आयुर्वेद की औषधि “अर्श कुठार रस” की दो गोली सुबह और शाम मठे के साथ अथवा दही की पतली नमकीन लस्सी के साथ रोजाना १२० दिन तक ले अथवा सेवन करें /

३- भोजन के बाद आयुर्वेद की शास्त्रोक्त दवा ” अभयारिष्ट” और “रोहितिकारिष्ट” चार चम्म्च लेकर इसके बराबर चार चम्मच सादा पानी मिलाकर lunch और dinner के बाद दोनों समय सेवन करें /

भोजन में परहेज करें / परहेज के लिये अपने नजदीक के किसी आयुर्वेद के चिकित्सक से सम्पर्क करें क्योंकि वही आपको सही सही बता सकता है कि आपको क्या खाना चाहिये और क्या नहीं ?

ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन आधारित आयुर्वेद चिकित्सा करने से बवासीर के रोगी अवश्य ठीक होते हैं , चाहे उनकी कैसी भी स्तिथि हो / आधुनिक मशीन और विकसित किये गये ई०टी०जी० आयुर्वेदस्कैन साफ्ट्वेयर की मदद से अब ई०टी०जी० आयुर्वेदस्कैन की रिपोर्ट १५ मिनट के अन्दर बन कर मरीज को दे दी जाती है /