URINARY TRACT INFECTION ; AN AYURVEDIC & AYUSH PROBLEM SOLUTION

URINARY TRACT INFECTION ; AN AYURVEDIC & AYUSH PROBLEM SOLUTION ; मूत्र नलिका सन्क्रमण : आयुर्वेदिक – आयुष चिकित्सा समाधान


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मूत्र गत सन्स्थान की यह एक बहुत प्रचिलित बीमारी है, यह किसी भी लिन्ग को हो सकती है , चाहे वह महिला हो अथवा पुरुष अथवा किसी भी लिन्ग के बच्चे या किशोर वय के लोग /

बच्चों में भी मूत्र गत सन्स्थान का infection होता है जिसे Juvenile U.T.I. या Urinary Tract Infection बताते हैं / यह infection जनित रोग होता है , इसलिये बच्चों में ऐसा infection किस तरह से होता है, इसे बताना बहुत कठिन होता है / Infection किस प्रकार का है , इसका पता तभी चल पाता है जब पेशाब या मूत्र की जान्च की जाय या पेशाब या मूत्र का कल्चर किया जाय जो किसी pathology laboratory मे ही सम्भव होता है / इसके बाद ही बताना सम्भव होता है कि infection किस तरह का है /

लगभग सभी उम्र वालों को UTI के एक जैसे ही Clinical syndromes पाये जाते हैं / किसी किसी रोगी के resistence कम या अधिक होने पर यह हो सकता है कि उसको कुछ लक्षण कम हो और किसी को अधिक हो / किसी को तेज बुखार हो सकता है और किसी को हल्का हो , यह सब infection की Intensity पर आधारित होता है /
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पेशाब करने में जलन, बहुत तेज दर्द, हलका या तेज बुखार, कमर में दर्द, गुर्दे में दर्द, पेशाब का रन्ग लाल, गहरा पीला, कत्थई रन्ग का होना, पेशाब करते ही भयन्कर जलन, रुक रुक कर पेशाब होना, बच्चे पेशाब करते समय बहुत चिल्लाते हैं और रोते हैं / पेशाब करने की जगह सुर्ख लाल हो जाती है और पकने लगती है तथा पस पड़ने लगता है /ब्लड सूगर और डायबिटीज के रोगियों को और हृदय रोगियों को तथा कुछ अलग किस्म की बीमारियो से जुझ रहे बीमारों में यूटीआई बहुत जल्दी जल्दी होने लगता है / कुच ऐसी भी दवायें होती हैं जिनके खाने से as a side reaction मूत्र सन्क्रमण की तकलीफ हो जाती है /
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बीमारी का पता लगाने के लिये डाक्टर की सलाह लेकर pathological test करा लेना चाहिये / अगर जरूरत पड़े तो फिर दूसरे scans भी कराना चाहिये तकि बीमारी की जड़ बुनियाद का पता लग जाये /

अधिकतर जन समुदाय Allopathy / अन्ग्रेजी दवा के बारे में ज्यादा जानकारी रखते है और उनको दूसरे अन्य प्रचिलित चिकित्सा विग्यान जैसे कि आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्सा = आयुष चिकित्सा पध्ध्यतियों के बारे मे जानकारी अथवा पता नही होता है , इसलिये लोग बाग एलोपैथी का ही इलाज करते हैं /

बहुत से ऐसे मरीज होते है जिनको बार बार UTI की तकलीफ होती है और इससे परेशान रहते है / ऐसे बीमारों को बताना चाहून्गा कि इस रोग की दवा और इलाज आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा में बहुत सटीक है / जिन्हे बार बार UTI की तकलीफ होती हो और इलाज करने से नही ठीक हो रही हो , उनको आयुर्वेद और आयुष का इलाज कराना चाहिये /

होम्योपैथी में भी इस बीमारी का बहुत अच्छा इलाज है तथा यूनानी चिकित्सा में भी / इलाज के लिये अपनी पसन्द का चिकित्सक चुनना चाहिये / आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा में यह जड़ मूल से ठीक होने वाली बीमारी है और इलाज करने से स्थायी लाभ होता है/

यह लाइलाज बीमारी नही है / इसका इलाज सम्भव है / आयुर्वेद की आधुनिक वैग्यानिक तकनीक ETG AyurvedaScan, Ayurveda Blood Test, Ayurveda Urine Test , Ayurveda Thermal Scanning के परीक्षण आधारित रिपोर्ट द्वारा URINARY TRACT INFECTION का इलाज करने से अवश्य बीमारी ठीक होती है /

UTI से पीड़ित रोगी अपने नज्दीक के आयुर्वेद -आयुष चिकित्सक से मिलकर और सलाह लेकर इलाज करायेन्गे तो अवश्य लाभ होगा /

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