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INCURABLE DISEASE CONDITIONS AYURVEDA TREATMENT लाइलाज बीमारियों का अयुर्वेदिक इलाज


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VIRAL / DENGUE / FEVER WHICH IS NOT UNDER CONTROL CAN BE TREATED AYURVEDICALLY AND AYUSH THERAPIES TREATMENT AND MANAGEMENT


DENGUEFEVER001आयुर्वेदिक अथवा होम्योपैथिक अथवा यूनानी दवाओ के काम्बीनेशन इलाज से सभी तरह के वायरल बुखार कुछ दिनो मे पूरी तरह से ठीक हो जाते है / 

बुखार जैसे ही आना शुरू हो या पता लगे कि वायरल बुखार हो गया है तुरन्त आयुष का इलाज शुरू कर देना चाहिये / 

फौरन इलाज करने से यह बुखार दो या तीन दिन मे पूरी तरह से ठीक हो जाता है / 

ज्यादा पुराना बुखार होने पर इलाज करे लेकिन किसी आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सक की सलाह लेकर / 

तुरन्त आये बुखार शत प्रतिशत ठीक होते है और किसी भी प्रकार की अनहोनी नही होती है / 

 

FATTY LIVER DISORDER AND ITS SYNDROMES / AYURVEDA CURES THE CONDITION ‘ फैटी लीवर की बीमारी आयुर्वेद चिकित्सा द्वारा पूर्ण आरोग्य दायक


FATTY LIVER यानी य्कृत की ऐसी अवस्था जिसमे चर्बी का जमाव लीवर के ऊपर हो जाता है / चर्बी की परत लीवर मे जम जाने के कारण ऐसी स्तिथि को FATTY LIVER कहा जाता है /

यह असामान्य अवस्था है / इस लीवर की अवस्थामे लीवर का कार बढने से लीवर का expansion  होता है जिससे लीवर के आस पास के अन्गो पर अनावश्यक दबाव  पड़्ता है / जिससे हृदय के रोग और फेप्फद़्ओ के रोग मुख्य रूप से हो जाते है / इस्का कारण यह है कि लीवर का आकार बढने से डायाफ्राम ऊपर की ओर द्वाव बढाता है जिससे केज के अन्गो को जियना cofortable space  अपनी गतिविधियो को सम्पन्न करने के लिये  आव्श्यक होती है वह नही मिल पाती है .

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इससे सान्स फूलना और फेप्फड़ु के रोग तथा हृदय के रोग बनने लगते है /  धीरे धीरे जब यह श्रुआत हो जाती है तो शरीर मे चर्वी का सन्तुलन बिगड़ता है / यानी खून मे fat  का बढना जिसे कोलेस्तॆरोल कहते है  और पेट तथा मान्श्पेशियो मे चर्बी का अधिक जमना शुरु हो जाता है जिससे शरीर बेडौल होने लगता है /

खून मेर्बी बढने से  कोलेस्टेराल बढने दे धमनियो  की तकलीपे और  मष्तिष्क की तकलीफे और गुर्दे की तकलीफे यैयर होने की सम्भावना बनी रहती है /

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फैटी लीवर का पया ULTRASOUND  अल्ट्रा  साउन्ड द्वारा या सी टी स्कैन   या एम आर आई जान्च  के   द्वारा  किया जाता है /

 

अन्य डुसरे रक्त के परीक्षणो से भी जान्च करके लीवर की स्तित्जि का प्ता चल जाता है

 

आयुर्वद  की निदान ग्यान की हाई  तकनीक ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन के द्वारा FATTY LIVER  का पता चल जाता है /  इसके साथ कुछ बाते और पता चल जाती है जैसे लीवर कितना और किस तरह का काम कर रहा है  और शरीर के पित्त स्र्हान के अलावा  अन्य VISCERA  के अन्दर VISCERAL FAT LEVEL किस स्तर का है /

आयुर्वेद के लिये विकसित किये गये रक्त परीक्षण तथा आयुर्वेद के लिये विकसित किये गये मूत्र परीक्षण से यह पता चल जाता है कि लीवर के कार्य करने का स्तर किस तरह का है / PATHOPHYSIOLOGY  या PATHOLOGY  स्तर का निदान होने के बाद किस तरह की आयुर्वेद की द्वाओ का उपयोग किया जाय इसके निष्कर्ष के बाद FATTY LIVER   बीमारी का इलाज सटीक और अचूक हो जाता है /

 

आयुर्वेद आयुष इला के दवारा FATTY LIVER  की बीमारी दवा श्रू करने के एक हते मे  काफी आराम मिल जाता है और चालिस दिन के इलाज मे पूरा आरोग्य प्राप्य हो जाता है / लेकिन यह बीमारी दुबारा न हो इसके लिये ६० दिन यानी दो माह तक द्वा लेना चाहिये ताकि तकलीफ दुबारा न हो /

आयुर्वेद    और आयुष चिकित्सा मे FATTY LIVER  के इलाज के लिये बहुत बड़ी सन्ख्या मे आउषधियो के योग दिये गय  है जिनके उपयोग से फैटी लीवर को ठीक किया जा स्कता है /

 

बहुत से लोगो को यह जानकारी भी नही होती है कि फैटी लीवर का क्या इलाज किया जाये / आयुर्वेद के अलावा होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा मे भी इस बीमारी का बहुत अच्छा इलाज है  / जिन्हे फैटी लीवर की बीमारी हो उन्हे आयुर्वेद और होम्योपैथी या यूनानी चिकिय्सा की शरण मे जाना चाहिये /

हरबल औशधियो के साथ साथ  आयुर्वेद की मिन्रल हरबल दवाओ अके विभिन्न प्रकार के योगो को उपयोग करके फैटी लीवर की बीमारी अवश्य ठीक होती है /

होम्योपैथी के बहुत से मदर टिन्क्छर लीवर के इलाज मे उपयोगी है इनका उपयोग करके इस बीमारी से आरोग्य प्राप्त किया जाता है  . खान पान मे थोड़ी सी सावधानी बरतने से यह बीमारी बहुत शीघ्रता से ठीक होती है

FATTY LIVER लाइलाज बीमारी नही है और इसका इलाज आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा मे है  और इसे मरीजो को अपनाना चाहिये /

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MUSCULAR ATROPHY ; MUSCULAR DYSTROPHY ; AYURVEDA AYUSH TREATMENTसभी प्रकार की मस्कुलर डिस्ट्रोफी और सभी प्रकार की मस्कुलर एट्रोफी का अचूक और सटीक आयुर्वेदिक आयुष इलाज


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विश्व कैन्सर दिवस दिनान्क ४ फरवरी २०१४ को जिला उन्नाव, उत्तर प्रदेश मे आयुर्वेद के रोग-चिकित्सा निदान शिविर का उद्घाटन डा० देश बन्धु बाजपेयी द्वारा कैम्प का उद्घाटन ; On World Cancer day 04th February 2014 , AYURVEDA DIAGNOSIS AND TREATMENT CAMP organised in Distt; UNNAO, Uttar Pradesh , inaugarated by Dr Desh Bandhu Bajpai


देश की सबसे बड़ी क्षेत्रफल तथा आकार और प्रकार में लोक सभा की कान्स्टीटुएन्सी [The biggest PARLIAMENTARY CONSTITUNECY, UNNAO, U.P. INDIA] दिनान्क ४ फरवरी २०१४ बसन्त पन्चमी के दिन जिला उन्नाव, उत्तर प्रदेश मे भारत विकास परिषद सन्स्था द्वारा आयुर्वेद का रोग निदान चिकित्सा का आयोजन किया गया जिसमे बड़ी सन्ख्या मे रोगियो का परीक्शण किया गया /

शिविर का उद्घाटन विश्व प्रसिध्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक और आयुर्वेद चिकित्सा विग्यान के कई आविष्कार कर चुके और सर्वाधिक प्रसिध्ध सिस्टम ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन के आविष्कारक डा० देश बन्धु बाजपेयी द्वारा किया गया था /
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Dr D.B.Bajpai is lighting DEEPAK before LORD DHANAVATRI and Mother SARASWATI to inaugrate the AYURVEDA CAMP to start, along with Dr.PANKAJ NIGAM and Dr. HARI SHANKAR MISHRA , both of renowned AYURVEDA Physician of UNNAO, UP.
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………………..निम्न चित्रों मे शिविर की गतिविधियों का चित्रावलोकन ब्लाग वाचक करें /
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Dr. Desh Bandhu Bajpai is examining patient by one of the portable ETG AyurvedaScanner machine, particularly used in TREAD MACHINE E.T.G. AyurvedaScan examination purposes.

विश्व कैन्सर दिवस ४ फरवरी को हर साल मनाया जाता है /
The News of the Ayurveda Camp is covered by the Daily JAGARAN NEWS PAPER , a Hindi Language Leading India’s Daily Language News paper , published on 05 th February 2014 issue.

Below is given the published news in DAINIK JAGARAN Newspaper on 5.2.2014 issue.
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हिन्दी भाषा के भारत देश में पढा जाने वाला समाचार पत्र “दैनिक जागरण उन्नाव एडीशन ” अखबार के दिनान्क ०५ फरवरी २०१४ के अन्क में आयुर्वेद शिविर के बारे में प्रकाशित समाचार
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NEWS PUBLISHED IN “DAINIK HINDUSTAAN” , A HINDI LANGUAGE NEWS PAPER

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NEWS PUBLISHED IN “DAINIK AAJ” , A HINDI LANGUAGE NEWS PAPER
शिविर मे ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन परीक्षण द्वारा ३७ मरीजो का परीक्षण किया गया जो विभिन्न आयु वर्ग के थे / इन ३७ मरीजों के टेस्ट करने के दरमियान तीन ऐसे मरीज मिले थे जिनको ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन परीक्षण करने के बाद पता चला कि एक को लीवर का कैन्सर है दूसरे को बोन कैन्सर है और तीसरे को रीनल कैन्सर हो रहा है और इन मरीजों को पता ही नही था कि उनको इस तरह की बीमारी है / जिन एलोपैथी के डाक्टरों से यह तीनों मरीज इलाज करा रहे थे उन treating physicians इलाज कर रहे डाक्टरो ने भी इन सभी तीनों मरीजों को कोई कैन्सर जैसी रोग निदानात्मक बात नही बतायी, केवल symptomatic इलाज करते रहे /
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